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आगम के गहन विद्वान, ज्ञान और क्रिया के बेजोड़ संगम 1008 आचार्य श्री रामलाल जी म.सा. संघ के सभी संत सतियां जी के प्रति कितने सजग है इसका साक्षात दृश्य आज देखने को मिला।

आगम के गहन विद्वान, ज्ञान और क्रिया के बेजोड़ संगम 1008 आचार्य श्री रामलाल जी म.सा. संघ के सभी संत सतियां जी के प्रति कितने सजग है इसका साक्षात दृश्य आज देखने को मिला।

*ये राम गुरु है निराले* आगम के गहन विद्वान, ज्ञान और क्रिया के बेजोड़ संगम 1008 आचार्य श्री रामलाल जी म.सा. संघ के सभी संत सतियां जी के प्रति कितने सजग है इसका साक्षात दृश्य आज देखने को मिला। वर्तमान में साधुमार्गी संघ के सबसे वरिष्ठ संत शासन दीपक श्री रमेश मुनि जी म.सा. (देवता जी म.सा.) गंगाशहर भीनासर का चातुर्मास सम्पन्न कर सेठिया कोटड़ी बीकानेर में विराज रहे थे। उनके स्वास्थ्य के उतार चढ़ाव के समाचार आचार्य श्री जी को जवाहर विद्यापीठ भीनासर में मिले। देवता जी म.सा. की कुशलक्षेम जानने हेतु आचार्य भगवन ने तुरंत सुबह जवाहर विद्यापीठ भीनासर से सेठिया कोटड़ी बीकानेर की ओर विहार किया। इस सर्द मौसम में उपाध्याय श्री राजेश मुनि जी म.सा. को साथ लेकर सेठिया कोटड़ी बीकानेर पधारे। आचार्य श्री जी को समीप पाकर श्री रमेश मुनि जी म.सा. के मन को बहुत तसल्ली हुई। बिगड़ते हुए स्वास्थ्य को देखते हुए श्री रमेश मुनि जी म.सा. के संथारे के पच्चखाण की भावना आचार्य श्री के सान्निध्य में पूरी हुई। संथारे का समाचार पंहुचते ही श्रावक श्राविकाओं द्वारा नवकार महामंत्र के जाप से माहौल पूरा धर्म मय हो गया। और एक सच्चे व सरल शिष्य का संथारा भी अपने महान गुरु की निश्रा में सीझ गया। आचार्य श्री रामलाल जी म.सा. ने अंतिम समय में भी शिष्य को साता पहुंचे इस हेतु पूर्ण सजग रहे। विद्वान एवं सरल श्री रमेश मुनि जी म.सा. जो देवता जी म.सा. के नाम से जाने जाते थे ऐसी भाग्यशाली आत्मा थे जिन्हें अंतिम समय में भी अपने आचार्य का भरपूर सान्निध्य प्राप्त हुआ। तत् पश्चात आचार्य श्री एंव उपाध्याय प्रवर सांय को अपने से दीक्षा में बड़े शासन दीपक श्री वीरेन्द्र मुनि जी म.सा. मांगलिक श्रवण कर सेठिया कोटड़ी बीकानेर से विहार कर वापस जवाहर विद्यापीठ भीनासर पधारे। सचमुच पांचवें आरे में भी ऐसे महान आचार्य को पाकर हम भाग्यशाली हैं ।. मनोज बैगाणी बीकानेर
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