पार्श्वनाथ परमात्मा का जन्म कल्याणक है।
12/14/2025
*जय जिनेन्द्र देव *🙏🏼
*जय जय श्री पार्श्वनाथ *🙏🏼
आज श्री पार्श्वनाथ परमात्मा का जन्म कल्याणक है।
पार्श्वनाथ प्रभु के 10 भव हुए। पूर्व भव में प्रभु की आत्मा प्राणत नाम के विमान में थी। वहाँ 20 सागरोपम का आयुष्य पूर्ण करके वहा रहेल मतिज्ञान, श्रुतज्ञान और अवधिज्ञान के साथ इक्ष्वाकुवंश के कश्यप गोत्र के काशी देश की वाराणसी नगरी के राजा अश्वसेन की वामादेवी राणी की कुक्षी में फागुन वद 4 के दिन तुला राशि और विशाखा नक्षत्र में मध्यरात्रि में च्यवन हुआ। तब माता ने 14 स्वप्न देखे।
प्रभु माता के गर्भ में 9 माह 6 दिन रहे। मार्गशीर्ष वद 10 के दिन विशाखा नक्षत्र में मध्यरात्रि में प्रभु का जन्म हुआ। छप्पनदिककुमारीओने आकार सूतीकर्म किया। बाद में 64 इन्द्रो ने मेरु पर्वत पर 1 करोड़ 60 लाख कलशों के साथ प्रभु का जन्माभिषेक महोत्सव किया। प्रातः काले प्रभु के पिता ने जन्महोत्सव मनाया।
