logo1 logo2 logo3-gif
ribbon-bar

सड़क हादसे के पीड़ितों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने कैशलेस इलाज योजना को पूरे देश में लागू कर दिया है।

सड़क हादसे के पीड़ितों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने कैशलेस इलाज योजना को पूरे देश में लागू कर दिया है।

• सड़क हादसे के पीड़ितों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केंद्र सरकार ने कैशलेस इलाज योजना को पूरे देश में लागू कर दिया है। • केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने के शुरुआती 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति, प्रति हादसा 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। • इस योजना का मकसद यह है कि हादसे के बाद इलाज में देरी न हो और परिवार को तुरंत पैसों का इंतजाम न करना पड़े। सरकार सीधे इलाज का खर्च चुकाएगी। • गडकरी ने बताया कि यह योजना पहले कुछ इलाकों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई थी, अब इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया है। • सरकार एक ऐसे सिस्टम पर काम कर रही है, जिसमें खास एम्बुलेंस 10 मिनट के अंदर हादसे वाली जगह पर पहुंच सकें। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड इमरजेंसी हेल्पलाइन और बेहतर एम्बुलेंस सेवाएं जोड़ी जाएंगी। • ‘राह-वीर’ योजना के तहत जो लोग सड़क हादसे के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाएंगे, उन्हें ‘राहवीर’ की उपाधि और 25,000 रुपये का नकद इनाम मिलेगा। पहले यह इनाम 5,000 रुपये था। • इस योजना का मकसद हादसे के बाद के गोल्डन आवर में आम लोगों को मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है। • अगर कोई वाहन खाई में गिरता है, तो नई एम्बुलेंस में खास उपकरण होंगे, ताकि तुरंत रेस्क्यू किया जा सके और मेडिकल स्टाफ बेबस न रहे। • गडकरी ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से हर साल करीब 50,000 सड़क दुर्घटना मौतों को रोका जा सकता है। यह जानकारी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के एक अध्ययन पर आधारित है। • सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क हादसों में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को 50 प्रतिशत तक कम करना है। इसके लिए सख्त वाहन सुरक्षा नियम, बेहतर सड़कें और कड़ी निगरानी भी की जाएगी। #RoadSafety #CashlessTreatment #RoadAccident #NitinGadkari #GoldenHour #RahVeerYojana #Emergency
Back to Latest News