देहदान की प्रेरणादायी पहल : स्व. जय प्रकाश जोशी कि पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को समर्पित, रजनी कालरा ने भरा देहदान का संकल्प पत्र
05/11/2026
**देहदान की प्रेरणादायी पहल : स्व. जय प्रकाश जोशी कि पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को समर्पित, रजनी कालरा ने भरा देहदान का संकल्प पत्र*
*बीकानेर मे देहदान को लेकर बढ़ रही जागरूकता से चिकित्सा शिक्षा को मिल रहा नया संबल : प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार*
**बीकानेर, 11 मई।** सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर में देहदान एवं देहदान संकल्प को लेकर समाज में लगातार सकारात्मक जागरूकता देखने को मिल रही है। चिकित्सा शिक्षा एवं मानव सेवा की दिशा में यह अभियान अब जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र वर्मा द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप आमजन देहदान के महत्व को समझते हुए आगे आ रहे हैं।
*स्वर्गीय जय प्रकाश जोशी की पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को समर्पित*
इस क्रम में बीते रविवार को स्वर्गीय जय प्रकाश जोशी की पार्थिव देह उनकी पुत्री वर्षा शर्मा द्वारा सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शरीर रचना (एनाटॉमी) विभाग को समर्पित की गई। यह निर्णय मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बना। देहदान की प्रक्रिया पूर्ण सम्मान एवं गरिमा के साथ संपन्न हुई।
इस अवसर पर अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. नॉरंग लाल महावर, प्रोफेसर डॉ. रेखा गहलोत, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. कौशल रंगा, डॉ. हेमंत, नर्सिंग ऑफिसर मेवा सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष महाराज उपस्थित रहे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. महावर ने कहा कि देहदान चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष अध्ययन का अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी चिकित्सक की आधारभूत दक्षता शरीर रचना के गहन अध्ययन से विकसित होती है तथा इसमें देहदान का योगदान सर्वोपरि है।
*रजनी कालरा ने भरा देहदान का संकल्प पत्र*
इसी कड़ी मे सोमवार को भारत विकास परिषद एवं मीरा शाखा, बीकानेर द्वारा समाज सेवा एवं देहदान जैसे महान कार्यों की निरंतर श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई। श्रीमती रजनी कालरा ने चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य हेतु देहदान का संकल्प लिया। समस्त आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर देहदान प्रपत्र एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि को विधिवत सौंपा गया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि ने भारत विकास परिषद, मीरा शाखा बीकानेर एवं डॉ. दीप्ति वहल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देहदान मानवता, सेवा एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान है। इससे भावी चिकित्सकों को अध्ययन एवं शोध के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं तथा चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा मिलती है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ आचार्य डॉ. कविता पाहुजा, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. निर्मला, डॉ. कौशल, डॉ. हेमंत, श्रीमती रजनी कालरा, छवि गुप्ता, हेमा दाधीच, बबीता सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि देहदान केवल चिकित्सा शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा लगातार चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियानों के परिणामस्वरूप अब समाज में देहदान एवं देहदान संकल्प को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। लोग इसे समाज सेवा और आने वाली पीढ़ियों के हित से जोड़कर देख रहे हैं।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग देहदान जैसे महादान के प्रति जागरूक हों, ताकि चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को और अधिक सशक्त बनाया जा सके तथा भावी चिकित्सकों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके।
