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स्वतंत्रता दिवस पर सुगन जी महाराज के उपाश्रय में हुआ भव्य आयोजन बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से बांधा समां — परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब ने आध्यात्मिक स्वतंत्रता का दिया संदेश

स्वतंत्रता दिवस पर सुगन जी महाराज के उपाश्रय में हुआ भव्य आयोजन बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से बांधा समां — परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब ने आध्यात्मिक स्वतंत्रता का दिया संदेश



स्वतंत्रता दिवस पर सुगन जी महाराज के उपाश्रय में हुआ भव्य आयोजन
बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता से बांधा समां — परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब ने आध्यात्मिक स्वतंत्रता का दिया संदेश
बिकानेर, 15 अगस्त। सुगन जी महाराज के उपाश्रय में परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब के चातुर्मास के दौरान आज स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया।
ध्वजारोहण अध्यक्ष महावीर सिंह जी खजांची, चेन्नई से पधारे लक्ष्मीचंद जी बछावत एवं वीरेंद्र जी पुगलिया द्वारा किया गया। इसके पश्चात बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक नृत्य एवं रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने महात्मा गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, भजनलाल शर्मा सहित विभिन्न देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चरित्रों का रूप धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में मेहुल खजांची ने प्रथम, यश कोठारी ने द्वितीय तथा घनिष्ठ नाहटा एवं मनन नाहटा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए, वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में महावीर सिंह जी खजांची, लक्ष्मीचंद जी बछावत, ओमप्रकाश जी कोठारी एवं पंकज जी बांठिया रहे।
परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब ने दिया आध्यात्मिक स्वतंत्रता का संदेश
कार्यक्रम के पश्चात परम पूज्य मुक्तांजना श्री जी महाराज साहब ने प्रवचन दिया। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चिंतन कराते हुए कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि मनुष्य को अपने कर्मों की निर्जरा करते हुए जन्म-मरण के द्वंद्व से स्वतंत्र होने का प्रयास करना चाहिए। वास्तविक स्वतंत्रता बाहरी बंधनों से मुक्ति के साथ-साथ आत्मा को कर्म बंधनों से मुक्त करने में है।
‘अमीचंद की अमी दृष्टि’ में आगे की कथा का उत्सुकता भरा पड़ाव
कार्यक्रम के दौरान ‘अमीचंद की अमी दृष्टि’ के अंतर्गत कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया गया कि अमीचंद के भाई विनु के पुत्र का जन्म हुआ। विनु ने पूरे गांव को निमंत्रण देकर बुलाया, लेकिन अमीचंद को आमंत्रित नहीं किया। इस पर अमीचंद की पत्नी ने उन्हें वहां जाने के लिए कहा। अमीचंद ने कहा कि वह सोचकर बताएंगे। कथा का आगे का प्रसंग कल सुनाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी रही।
16 अगस्त को नेमिनाथ जन्म कल्याणक पर नाट्य मंचन
कल 16 अगस्त को परमात्मा श्री नेमिनाथ भगवान के जन्म कल्याणक के उपलक्ष्य में विशेष नाट्य मंचन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम कुशल भवन, नाहटा मोहल्ला में प्रातः 9:00 बजे आयोजित होगा। आयोजन में समाज के श्रद्धालुओं एवं बच्चों की सहभागिता रहेगी।
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