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राजस्थानी मोट्यार परिसद ने किया विधानसभा सचेतक जोगेश्वर गर्ग से मुलाकात राजस्थानी को राजभाषा बनाने की मांग ।*

राजस्थानी मोट्यार परिसद ने किया विधानसभा सचेतक जोगेश्वर गर्ग से मुलाकात राजस्थानी को राजभाषा बनाने की मांग ।*

*राजस्थानी मोट्यार परिसद ने किया विधानसभा सचेतक जोगेश्वर गर्ग से मुलाकात राजस्थानी को राजभाषा बनाने की मांग ।* नीजी कार्यक्रम में बीकानेर दौरे पर पधारे जालोर के विधायक एवं राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक श्री जोगेश्वर जी गर्ग से राजस्थानी मोट्यार परिषद बीकानेर की टीम ने सर्किट हाउस बीकानेर में विशेष मुलाकात की एवं मुख्य सचेतक जी का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया। राजस्थानी मोट्यार परिषद के प्रतिनिधि-मंडल ने मांग रखी की अनुच्छेद 345 के तहत राजस्थानी को हिन्दी भाषा के समकक्ष प्रदेश की राजभाषा बनवाने हेतु हमारी मांग को पुरजोर तरीके से पहुंचाएं, मोट्यार परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली, युपी, छत्तीसगढ़, झारखंड और हाल ही में लद्दाख में बनी राजभाषा अधिनियमों का हवाला दिया, राजस्थानी के राजभाषा बनने से राजस्थान में रोजगार के और अधिक अवसर युवाओं को मिलेंगे। इसके अलावा महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में स्थाई राजस्थानी विभाग खुलवाने, स्कूलों में अतिरिक्त विषय के रूप में राजस्थानी विषय खुलवाने की मांग की गई। माननीय मुख्य सचेतक श्री जोगेश्वर जी गर्ग से मिलने एवं स्वागत करने वाले राजस्थानी मोट्यार परिषद के प्रतिनिधिमंडल में राजस्थानी मोटयार परिषद के जिलाध्यक्ष एड. हिमांशु टाक,डाॅ. नमामीशंकर आचार्य, डॉ. हरीराम बिश्नोई, राजेश चौधरी, प्रशान्त जैन, कमल किशोर मारू, रामावतार उपाध्याय, मदनदान दासौड़ी, विनोद सारस्वत, रविन्द्र जाजड़ा, एड. राजेश कड़वासरा, सुभकरण उपाध्याय आदि शामिल थे‌।
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